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भिलाई

नाले का पानी बिना डायवर्ट किये अच्छे ढंग से निर्माण नहीं किया जा सकता

भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा आवश्यकता को देखते हुए कर्मा चैंक मोर्या टाकिज से लोहिया पेट्रोल पम्प कृष्णा नगर के मध्य नाले का निर्माण 1 करोड़ 97 लाख की लागत से करवाया जा रहा है। यह नाला पूर्व में 25 साल पहले का निर्मित होने के कारण जीर्णखीर्ण हो गया था। इसके कारण पानी का बहाव ठीक से नहीं हो पा रहा था।

विगत बरसात के समय अधिक पानी का वर्षा होने से नाला भरकर उफान में आ गया। इससे सुपेला घड़ी चैंक पर लबालब पानी भर जाने के कारण सड़क व नाल दिखना बंद हो गया था, इससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती थी। उसी को देखते हुए नाला अधिक समय तक टीकाउ रहे और व्यवस्थित हो। इसलिए उसके बहाव को डायवर्ट करने की आवश्यकता थी।
इसका निरीक्षण करने आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय, जोन आयुक्त अजय सिंह राजपूत को लेकर स्वयं गये थे। निर्माण एजेंसी का कहना था कि हमने नाले के बहाव को रोकने के लिए बीच में राष्ट्रीय राजमार्ग के दुसरी तरफ पानी को डायवर्ट कर दिया है। इसके लिए बीच में बालू से भरा बोरी रख दिया गया। इसके कारण लददी, मलवा पूरी तरफ से सतह पर बैठ जा रहा है।

उपर का पानी पुराने बस डिपो में भरते हुए सब्जी मंडी के रास्ते निकल रहा है। देखने में वह पानी पुरी तरफ से साफ सुथरा लगता है। कुछ लोग इसे पाने का पानी समझ रहे है। यह नाला 2 मीटर गहरा, 2 मीटर चैंड़ा, 1580 मीटर लम्बा निर्माण के साथ-साथ उसके उपर स्लेब से लिन्टर भी किया जायेगा। जिससे भविष्य में कोई दुर्घटना न हो।
नाले का सतह पुरी तरह सीमेंटीकरण हो, उसकी बराबर तराई हो और सुख जाने के बाद ही पुराने बहाव को उसमे जोड़ा जा सकता है। नगर निगम भिलाई को इस बात का संज्ञान है, इसलिए पानी को डायवर्ट किया जा रहा है। बिना तथ्य को जाने कुछ समाचार पत्रों एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया में लिखा एवं दिखाया जा रहा है कि पीने का साफ पानी बह रहा है।

कुछ समाचार पत्र में लिखा जा रहा है कि नाली को नही रोका जा रहा है इसलिए नाले का निर्माण ठीक से नहीं हो पायेगा। दोनो में ही विरोधाभाष है, नगर निगम भिलाई इस सब समाचार का खण्डन करता है।

जबकि पूर्व में इसी तथ्य को लेकर निगम भिलाई द्वारा दिनांक 07 फरवरी को समाचार प्रसारित किया गया था और 8 फरवरी को कुछ प्रमुख समाचार ने इस तथ्य को प्रसारित भी किया था। कृपया सत्यता के अनुसार समाचार पत्रों को प्रकाशित करे, जिससे नागरिक दिग्भ्रमित न हो।

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